Monday, 30 October 2017

पत्नी दिवस



Aaj  Biwi Diwas hai
 दोस्तों आज हम एक अजीब प्राणी
के बारे में पढेंगे -इस जीव का नाम हे.
"बीवी"
@ यह अक्सर रसोई और टीवी
     क सामने पाई जाती है.
@  इनका पौष्टिक आहार हे
     पति का भेजा .
@ ये पानी कम खून ज्यादा पीती है ...
@ इन्हें अक्सर नाराज़ होने
     का नाटक करते हुए
    देखा जाता है.
@ इस प्राणी का सबसे
    खतरनाक हथियार हे
    रोना और इमोशनली
    ब्लैकमेल करना...
@ उसके संपर्क में रहने से टेंशन
नाम की बीमारी हो सकती हे,
जिसका कोई इलाज़ नहीं.
बस इनसे सावधान रहना 
"भारत सरकार द्वारा जनहित में जारी"@

HAPPY 'WIFE' DAY!
पूरी रामायण बीवियों की कहानी हैं !!!
लक्ष्मन अपनी बीवी को घर पे छोड़कर चले गये...!!
रावण दुसरे की उठा के फँस गया...!!
सुग्रीव ने श्रीराम का साथ इस लिए दिया. .क्योंकि Sugreev उसे अपनी बीव़ी बाली से वापिस चाहिये थी....!!!
हनुमानजी की अपनी थी ही नही मगर दुसरे के लिए लंका जला ड़ाली ... !
श्रीराम को अपनी वापिस चाहिए थी तो ... उनको 10 दिनों तक युद्धकरना पड़ा.. और अंत में क्या हुआ ???
जिस बीवी के कारण इतनी रामायण हुई.. वो तो Underground हो गयी...!!
अभी सोचो इतना झमेला हुआ क्यूँ ❓❓❓
क्यूंकि राजा दशरथ की तीन बीवियाँ थी...!!
MORAL : पुराने ज़माने से ही  बीवी की मगजमारी चली आ रही हैं.
जब भगवान् भी बीवी से नही बच सके तो AAP तो आखिर इंसान हो....
♻ कुदरत ने  औरत को
1⃣ हसींन  बनाया ।
2⃣ खूबसूरती  दी ।
3⃣ चाँद सा चेहरा  दिया ।
4⃣ हिरणी  सी  आँखें 
5⃣ मोरनी  जैसी चाल
6⃣ रेशम〰 से बाल ।
7⃣ कोयल  जैसी ✨मीठी  आवाज़ दी ।
8⃣ फूल सी  मासूमियत दी ।
9⃣ गुलाबसे  होंठ ।
 शहद सी ✨ मिठास दी ।
1⃣1⃣ प्यार भरा  दिल ❤ दिया ।
और ...
 फिर....
❓
❓
❓
❓फिर क्या हुआ जानते हो??
❓
एक  ज़ुबान दी 
✌और ..!!!
 सब सत्यानाश  हो गया 
हर वक़्त ⏰
 टर्र .
 टर्र..टर्र...
 टर्र..टर्र...टर्र.....


♻ Send this to Every Husband who can Enjoy it and to Every Wife who can Tolerate it. 
जिनकी शादी नही हुई..जी लो !
जिनकी शादी हो गयी...झेलो !!
            
शादी के बाद बेड़रुम कैसे
महकता है
3 साल तक-
परफ्यूम
चाकलेट
स्ट्राबेरी
ग्रेप्स
3 साल बाद-
जानसन पावड़र
जानसन क्रीम
बेबी लोशन
हगीस ड़ायपर
15 साल बाद-
झंड़ू बाम
विक्स
आयोडेक्स
मूव
40 साल बाद-
अगरबत्ती
धुप बत्ती
आदमी के हालात कैसे बदलते हैं, ज़रा गौर कीजिये -
शादी के पहले – हीरो नं. 1
शादी के बाद – कुली नं. 1
शादी के पहले – मैंने प्यार किया
शादी के बाद – ये मैंने क्या किया
शादी के पहले – जानेमन मत जाओ
शादी के बाद – जान मत खाओ
शादी के पहले – तुम बिन रहा ना जाए
शादी के बाद – तुमको सहा ना जाए
शादी के पहले – कुछ तो बोलो
शादी के बाद – कभी चुप भी हो लो
शादी के पहले – आय लव यू
शादी के बाद – आज फिर आलू
शादी के पहले – मिलने कब आओगी
शादी के बाद – मायके कब जाओगी
!!!!


Just Enjoy & Forget. Be Safe. 

Saturday, 28 October 2017

गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर : गीतांजलि की कविता यहां जो गाने आया था कहाँ मैं गा पाया वह गान !

यहां जो गाने आया था
कहाँ मैं गा पाया वह गान !
आज भी सुर ही साध रहा ,
लगाए  बैठा  उसका ध्यान।
न सुर वह मुझसे  लगता है ,
न बंधती है मुझसे वह  कथा ,
ह्रदय के बीच बज  रही किंतु
गान की मेरी व्याकुलता !
आज भी खिला नहीं  वह फूल  ,
पवन मेरी भरी हुई  बस व्यथा।
न मैंने छवि उसकी  देखी  ,
न मैंने  वाणी  उसकी   सुनी  -
आ रही लेकिन क्षण -क्षण में
उसी  के पैरों की ही ध्वनि !
सामने दरवाजे  से अरे, गुजरता
रहता  वह  मेहमान !

गुरुदेव रविंद्र नाथ  टैगोर

Gurudev elaborating the condition of the Truth Seeker. The man who is in desire for Self Realization, is praying & asking the Lord for devotion, service & wisdom. Eternal Truth rarely comes to the Human Soul. It is always realised with the grace of the Lord or the Guru.  Most of the people use to just dreamt for the Eternity. However, the journey is also a worthy one. Mahatma Gandhi always said to himself 'The Seeker of Truth'. he never declared for the Realisation of the Self. The journey of the man was indeed the marvellous one. Praising the glory of the Lord, Chanting the Hari name are the easiest & simplest methods for the God Realisation.


ScientistBaba03
www.facebook.com/ScientistBaba03

 



Thursday, 26 October 2017

Therapy of the Modern World: Yin & Yang Balance


In terms of Yin & Yang balance, grasping at the phenomenon in the traditional vocabulary, the role of a woman is changing from a nurturer to a provider, resulting in an increase in yang or masculine energy. "Yin and yang is present in each individual. An increase in yang energy can actually make a woman more aggressive. Beating a weaker person than you is a manifestation of that. If yin and yang energies can be balanced, it will reduce stress."

The solution is itself given in our Culture. If the woman starts Bhakti & devotion, it would soften her Heart. She would be more reciprocative towards her natural instincts. She would be more calm, peaceful & reduce herself from the trauma of the life.

#ScientistBaba03

ScientistBaba03
www.facebook.com/ScientistBaba03
www.linkedin.com/in/scientist-baba-713b93126 
www.youtube.com/channel/UCFinPMXeP85J0OOVZMm2pGw 
+919457971925
 

Monday, 23 October 2017

मन

प्रख्यात साहित्यकार जॉर्ज  बर्नार्ड  शा भी मन को दुरूस्त रखने की वकालत करते थे. वह तो यहां तक कहते कि 'लोग मरते तो बहुत पहले हैं, लेकिन दफ़्नाए बहुत बाद में जाते हैं. मरने और दफ़्नाने में कोई 30 साल का फ़र्क हो जाता है. ' वह जानते थे कि आदमी चुनौतीयो के सामने बहुत पहले ही घुटने टेक देता है और फिर जीवन को रेंगता हुआ जीता है.  क्या आप चाहेंगे कि द्फ़्नाने के 30 साल पहले ही आप मर जाएं.

Saturday, 21 October 2017

मनुष्यता : असाधारण संकट

मनुष्य को प्रकर्ति से दूर रखकर, उत्पादन और मनोरंजन के लिए उसे मशीनों का गुलाम बनाकर, हवा-पानी और प्राकर्तिक संसाधनों को प्रदूषित करके , शब्दों और रफ़्तार की फिजूलखर्ची से , परिवार के टूटने और सामाजिक सरोकार के नष्ट होने से मनुष्यता मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के नजरिये से असाधारण संकट झेल रही है।

कैथरीन मैरी हिलमन ( सरला देवी )
समाज सेविका

Leo Tolstoy

बीमारी ने उन्हें कुछ और सुखा दिया था, उनमें कुछ समाप्त सा हो गया था। अंदर से वह कुछ हल्के से दिखते थे , कुछ अधिक पारदर्शी और अधिक निवृत्त से। फिर भी उनकी आँखें कोतुहल दर्शाती हैं उनकी नज़र भेदती है। वह कुछ ऐसे सुनते हैं जैसे कुछ भूल गए थे या किसी नए और अनजान अनुभव का इंतज़ार कर रहे थे। यास्नया पोल्याना में वह ऐसे व्यक्ति के रूप में थे , जो सब कुछ जानता है और उसे नया कुछ नहीं सीखना - एक ऐसा व्यक्ति जिसने सभी प्रश्न हल कर दिए थे।




यदि वह एक मछली होते तो निश्चित रूप से वह महासागरों में तैरते, कभी उथले सागरों में न आते और विशेषकर पृथ्वी के सतही पानी पर तो बिल्कुल नहीं। उनके गिर्द यहाँ वहाँ दौड़ रही होती छोटी मछलियाँ जो वह कहते उसका उनका उनके लिए कोई मतलब न होता , उनके लिए जरूरी न होता और उनका मौन न उन्हें डराता या धकेलता। इसके बावजूद उनका मौन बहुत प्रभावी होता है , एक ऐसे तपस्वी जैसा जिसे उसकी दुनिया से दूर कर दिया गया हो। हालांकि वह बहुत बोलते हैं और कुछ विषय विशेष के प्रति निष्ठा स्वरुप उनका मौन फिर भी अधिक प्रभावी दिखता है। कुछ ऐसी बातें जो कोई किसी से नहीं कर सकता। बेशक कुछ ऐसे विचार उनके अंदर घुमड़ते हैं जिनसे वह स्वं डरे रहते हैं।

@ScientistBaba03